भारत में Nimesulide tablets वो पॉपुलर दर्द निवारक दवा है जो भारत में सालों से इस्तेमाल हो रही थी – बुखार, दर्द और सूजन के लिए। ब्रांड्स जैसे Nise, Nimulid, Nicip वगैरह हर फार्मेसी में मिलते थे। लेकिन अब हालात बदल गए हैं। 31 दिसंबर 2025 को केंद्र सरकार ने 100 mg से ज्यादा वाली सभी खाने वाली (ओरल) फॉर्मूलेशन (टैबलेट, सिरप) पर तुरंत बैन लगा दिया। यानी अब हाई-डोज वाली दवा बनाना, बेचना या डिस्ट्रीब्यूट करना पूरी तरह बंद है। ये फैसला Drugs and Cosmetics Act की धारा 26A के तहत लिया गया, जहां ICMR, DTAB और CDSCO की सलाह पर ये कदम उठाया।
अभी 100 mg तक वाली दवाएं वयस्कों के लिए उपलब्ध हैं, लेकिन बहुत सख्त चेतावनी के साथ – गर्भवती महिलाएं, स्तनपान कराने वाली मांएं, लीवर-किडनी के मरीज या दूसरी लीवर पर असर करने वाली दवाओं के साथ बिल्कुल न लें।
- बच्चों के लिए तो 2011 से ही 12 साल से कम उम्र में पूरी तरह बैन है।
- जानवरों (वेटरनरी) के लिए भी 2025 में बैन हो गई, क्योंकि ये गिद्धों के लिए बहुत जहरीली साबित हुई।
भारत में Nimesulide tablets पर क्यों लगा बैन?
भारत में Nimesulide tablets सबसे बड़ा खतरा लीवर को गंभीर नुकसान (हेपेटोटॉक्सिसिटी) है। हाई-डोज (100 mg से ऊपर) से एक्यूट लीवर फेलियर, पीलिया (जॉन्डिस), लीवर ट्रांसप्लांट की जरूरत या मौत तक हो सकती है – और कभी-कभी सिर्फ 3-5 दिन इस्तेमाल करने से! भारत में फार्माकोविजिलेंस रिपोर्ट्स में ढेर सारे ऐसे केस आए हैं।
दुनिया के कई देशों (अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, कई यूरोपीय देश) में ये दवा कभी अप्रूव ही नहीं हुई या सालों पहले पूरी तरह बंद कर दी गई। भारत में सुरक्षित विकल्प जैसे पैरासिटामोल और इबुप्रोफेन उपलब्ध हैं, जिनका सेफ्टी रिकॉर्ड कहीं बेहतर है। सरकार ने कहा कि रिस्क अब फायदे से ज्यादा हो गए, इसलिए हाई-डोज पर बैन लगाना जरूरी था।
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भारत में Nimesulide tablets बनाने वाली प्रमुख कंपनियां
(नोट: हाई-डोज अब बंद हो रही हैं, लेकिन लो-डोज और API अभी बन सकती हैं।)
- Dr. Reddy’s Laboratories (Nise ब्रांड)
- Panacea Biotec (Nimulid)
- Cipla (Nicip)
- Emcure Pharmaceuticals
- Ipca Laboratories
- Mangalam Drugs & Organics (API)
- और भी कई छोटी-बड़ी कंपनियां इसमें शामिल हैं।
साइड इफेक्ट्स की पूरी लिस्ट
भारत में Nimesulide tablets निमेसुलाइड NSAID है, जो आमतौर पर अच्छी तरह सहन हो जाती है, लेकिन साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। सबसे खतरनाक लीवर वाला।
सामान्य (ज्यादातर हल्के):
- जी मिचलाना, उल्टी
- पेट दर्द, अपच
- दस्त
- सिरदर्द, चक्कर
- मुंह में कड़वाहट
- त्वचा पर रैश या खुजली
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गंभीर (कम लेकिन जानलेवा)
लीवर डैमेज: एंजाइम बढ़ना, हेपेटाइटिस, पीलिया, फेलि खतरा: 1 में 50,000 यूजर्स में, लेकिन गंभीर केस में जल्दी शुरू। लक्षण – त्वचा/आंखें पीली,
- गहरे पेशाब, थकान, भूख न लगना।
- पेट में ब्लीडिंग या अल्सर
- किडनी प्रॉब्लम (सूजन, वजन बढ़ना)
- एलर्जी, सांस की तकलीफ
- दिल की धड़कन तेज, ब्लड प्रेशर
महत्वपूर्ण बातें
लंबे समय तक इस्तेमाल (15 दिन से ज्यादा) न करें – लीवर का रिस्क बहुत बढ़ जाता है।
किसी Nimesulide tablets को न लें: लीवर/किडनी की बीमारी वाले, गर्भवती/स्तनपान कराने वाली महिलाएं, 12 साल से कम बच्चे।
अगर कोई लक्षण दिखे (खासकर पीला पड़ना, थकान), तुरंत दवा बंद करें और डॉक्टर से मिलें।
सुरक्षित विकल्प: पैरासिटामोल (Paracetamol) या इबुप्रोफेन (डॉक्टर की सलाह से)।
Nimesulide tablets Case Study
Nimesulide एक NSAID है जो दर्द और बुखार में इस्तेमाल होती है, लेकिन यह गंभीर लीवर डैमेज (हेपेटोटॉक्सिसिटी) का कारण बन सकती है। दुनिया भर में 100 से ज्यादा केस रिपोर्ट हुए हैं, जिनमें कई में एक्यूट लीवर फेलियर (fulminant hepatic failure) हुआ, जिससे लीवर ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ी या मौत हो गई। मुख्य रूप से महिलाओं (खासकर 50+ उम्र) में ज्यादा केस देखे गए हैं, और खतरा छोटे समय (3-15 दिन) इस्तेमाल से भी हो सकता है। NCBI LiverTox के अनुसार, जॉन्डिस वाले केस में 10-20% मौत का रिस्क। 2019 की मेटा-एनालिसिस में 33 केस में 84.8% महिलाएं (औसत उम्र 57), 45% में ट्रांसप्लांट या मौत। भारत में भी कई रिपोर्ट्स, खासकर महिलाओं में। छोटे इस्तेमाल से भी गंभीर हो सकता है।
FAQs: भारत में Nimesulide tablets पर क्यों लगा प्रतिबंध?
भारत में Nimesulide tablets के बारे में सबसे ज्यादा पूछे जाने वाले सवालों के जवाब दिए गए हैं। यह जानकारी जनवरी 2026 तक की नवीनतम स्थिति (बैन और हेपेटोटॉक्सिसिटी) पर आधारित है।
- Nimesulide tablets क्या है?
Nimesulide tablets एक NSAID (नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग) है, जो दर्द, सूजन और बुखार कम करने के लिए इस्तेमाल होती है। यह COX-2 इनहिबिटर है और भारत में पहले बहुत पॉपुलर थी (ब्रांड जैसे Nise, Nimulid, Nicip)। - भारत में Nimesulide tablets पर अभी क्या बैन है?
भारत में Nimesulide tablets 31 दिसंबर 2025 से केंद्र सरकार ने 100 mg से ज्यादा वाली सभी ओरल (खाने वाली) फॉर्मूलेशन (टैबलेट, सिरप) पर तुरंत बैन लगा दिया है। 100 mg तक वाली दवाएं वयस्कों के लिए अभी भी उपलब्ध हैं, लेकिन सख्त चेतावनी के साथ। 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए 2011 से पूरी तरह बंद है, और जानवरों (वेटरनरी) के लिए भी 2025 में बैन हो गई। - बैन लगाने का मुख्य कारण क्या है?
मुख्य वजह हेपेटोटॉक्सिसिटी (लीवर को गंभीर नुकसान) है। यह दवा लीवर फेलियर, जॉन्डिस (पीलिया), लीवर ट्रांसप्लांट या मौत का कारण बन सकती है – कभी-कभी सिर्फ 3-5 दिनों के इस्तेमाल से। ICMR और CDSCO की रिपोर्ट्स में रिस्क ज्यादा पाया गया, जबकि सुरक्षित विकल्प जैसे पैरासिटामोल और इबुप्रोफेन उपलब्ध हैं। - Nimesulide tablets से लीवर डैमेज के कितने केस रिपोर्ट हुए हैं?
दुनिया भर में 100+ केस रिपोर्ट्स हैं, जिनमें कई में एक्यूट लीवर फेलियर हुआ। भारत में भी कई रिपोर्ट्स हैं, खासकर महिलाओं में। NCBI LiverTox के अनुसार, 1 में 50,000 यूजर्स में लीवर इंजरी का अनुमान है, और जॉन्डिस वाले केस में 10-20% मौत का रिस्क। - Nimesulide tablets के मुख्य साइड इफेक्ट्स क्या हैं?
सामान्य: जी मिचलाना, उल्टी, पेट दर्द, दस्त, सिरदर्द।
गंभीर: लीवर डैमेज (पीलिया, थकान, गहरे पेशाब), पेट में ब्लीडिंग, किडनी प्रॉब्लम, एलर्जी।
लीवर के लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। - कौन लोग Nimesulide tablets बिल्कुल न लें?
12 साल से कम बच्चे
गर्भवती/स्तनपान कराने वाली महिलाएं
लीवर या किडनी की बीमारी वाले
अन्य लीवर-टॉक्सिक दवाओं के साथ लेने वाले
60+ उम्र या 18 से कम उम्र वालों में सावधानी बरतें। - Nimesulide tablets की जगह क्या सुरक्षित विकल्प हैं?
पैरासिटामोल (Paracetamol) – बुखार और दर्द के लिए सबसे सुरक्षित।
इबुप्रोफेन (Ibuprofen) – सूजन के लिए।
हमेशा डॉक्टर की सलाह से लें। - अगर मैं अभी Nimesulide tablets इस्तेमाल कर रहा हूं तो क्या करूं?
तुरंत डॉक्टर से सलाह लें और सुरक्षित दवा पर स्विच करें। खुद से न जारी रखें। लीवर के लक्षण (पीला पड़ना, थकान) दिखें तो फौरन जांच करवाएं।

